बिहार। शिक्षक दिवस की गरिमा और शिक्षा के बदलते सरोकारों के बीच आयोजित गुरु सम्मान 2026 समारोह में शिक्षा और पर्यावरण को लेकर एक सार्थक संवाद का अवसर सामने आया। राष्ट्रीय समाचार पत्र प्रभात खबर द्वारा आयोजित इस समारोह में बिहार के शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी की सम्मानित उपस्थिति के दौरान शिक्षक एवं लेखक रवि रौशन कुमार ने उन्हें अपनी पुस्तक ‘पर्यावरणीय चुनौतियाँ : प्रबंधन एवं समाधान’ भेंट की।

पुस्तक भेंट के दौरान दोनों के बीच पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ी में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने को लेकर संक्षिप्त चर्चा भी हुई। रवि रौशन कुमार ने कहा कि पर्यावरण आज केवल संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। विद्यालयी स्तर पर विद्यार्थियों को पर्यावरणीय चुनौतियों से परिचित कराने और उन्हें समाधान की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि ‘पर्यावरणीय चुनौतियाँ : प्रबंधन एवं समाधान’ के माध्यम से पर्यावरण से जुड़े मौजूदा संकटों, उनके सामाजिक एवं प्राकृतिक प्रभावों तथा संभावित समाधान को सरल और उपयोगी रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ-साथ सामान्य पाठकों में भी पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रवि रौशन कुमार के शैक्षिक एवं पर्यावरणीय सरोकारों की सराहना करते हुए पुस्तक के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षा के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना को जोड़ने के महत्व पर भी बल दिया।

पुस्तक भेंट करने के इस अवसर को लेकर रवि रौशन कुमार ने कहा कि एक शिक्षक के लिए उसकी लेखनी का शिक्षा जगत से जुड़े किसी महत्वपूर्ण व्यक्तित्व तक पहुंचना अपने आप में विशेष उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुस्तक के माध्यम से शिक्षा, पर्यावरण और समाज जैसे जरूरी विषयों पर संवाद की शुरुआत होती है, तो लेखक के लिए इससे बड़ी संतुष्टि और प्रेरणा की बात नहीं हो सकती।

गुरु सम्मान 2026 समारोह में पुस्तक का यह आदान-प्रदान केवल औपचारिक भेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा और पर्यावरण जैसे दो महत्वपूर्ण विषयों को एक साझा मंच पर जोड़ने वाले प्रसंग के रूप में भी सामने आया।

गौरतलब है कि रवि रौशन कुमार शिक्षण कार्य के साथ पर्यावरण जागरूकता, विज्ञान संचार और शैक्षिक लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी पुस्तक ‘पर्यावरणीय चुनौतियाँ : प्रबंधन एवं समाधान’ वर्तमान पर्यावरणीय परिस्थितियों, उनसे उत्पन्न चुनौतियों और उनके प्रबंधन एवं समाधान की संभावनाओं पर केंद्रित है।