नई दिल्ली। देश में मोबाइल कनेक्शनों के दुरुपयोग और फर्जी SIM के जरिए होने वाले साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने मौजूदा SIM सीमा को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली है। विभाग ने 17 अगस्त 2026 को जारी निर्देश में telecom service providers (TSPs) को कहा है कि 24 अगस्त 2026 से ऐसे व्यक्ति को नया मोबाइल कनेक्शन नहीं दिया जाए, जिसके नाम पर पहले से निर्धारित अधिकतम संख्या में SIM कनेक्शन मौजूद हैं।

9 SIM की सीमा नई नहीं, अब होगी सख्त निगरानी

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक व्यक्ति के नाम पर 9 मोबाइल कनेक्शन की सीमा कोई नया नियम नहीं है। DoT के 9 अगस्त 2012 के मौजूदा निर्देशों के तहत सामान्य क्षेत्रों में एक व्यक्ति अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। यह सीमा सभी telecom operators और सभी licensed service areas को मिलाकर लागू होती है।

इसका मतलब है कि यदि किसी व्यक्ति के नाम पर Airtel के 4, Jio के 3 और Vi के 2 नंबर हैं, तो कुल संख्या 9 हो जाती है। ऐसी स्थिति में वह किसी भी operator से 10वां मोबाइल कनेक्शन नहीं ले सकेगा।

वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और North-East के licensed service areas में यह सीमा 6 मोबाइल कनेक्शनों की है।

24 अगस्त से क्या बदलेगा?

DoT ने telecom कंपनियों को निर्देश दिया है कि 24 अगस्त 2026 से ऐसे ग्राहकों की पहचान की जाए जो निर्धारित सीमा पार करके नया मोबाइल कनेक्शन लेने का प्रयास करते हैं। यदि ग्राहक पहले ही अधिकतम सीमा तक पहुंच चुका है, तो उसे बताया जाएगा कि उसके नाम पर अनुमत अधिकतम मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं और उसे नया नंबर जारी नहीं किया जा सकता।

इसके लिए telecom कंपनियों को Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। यह प्लेटफॉर्म अलग-अलग telecom companies द्वारा उपलब्ध कराए गए subscriber data के आधार पर यह पहचानने में मदद करेगा कि किसी व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं।

23 अगस्त से DIP पर दिखाई देगी subscriber की फोटो

DoT के निर्देश के अनुसार, 23 अगस्त से उन subscribers की representative image DIP पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिन्होंने अपने नाम पर निर्धारित अधिकतम मोबाइल कनेक्शन की सीमा पूरी कर ली है। Telecom operators इस जानकारी का इस्तेमाल अतिरिक्त SIM जारी होने से रोकने के लिए करेंगे।

Telecom कंपनियों को इस व्यवस्था को अपने सिस्टम के साथ जोड़ने और आगे चलकर verification को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, operators को 30 नवंबर 2026 तक इस प्रक्रिया को real-time verification की दिशा में ले जाने का लक्ष्य दिया गया है।

अगर किसी के नाम पर पहले से 9 से ज्यादा SIM हैं तो?

यहां मामला थोड़ा अलग है। नियम के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन रखना अनुमत नहीं है। DoT के निर्देशों में ऐसे existing excess connections का रिकॉर्ड DIP पर उपलब्ध होने की बात कही गई है।

जब तक telecom companies की पूरी verification व्यवस्था लागू नहीं हो जाती, सीमा से अधिक सक्रिय किया गया मोबाइल कनेक्शन post-facto verification में तुरंत suspend किया जा सकता है, जब तक अतिरिक्त connection की स्थिति का समाधान नहीं हो जाता।

रिपोर्टों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के पास निर्धारित सीमा से पहले से अधिक SIM हैं और वह उन्हें नियमित नहीं करता, तो बाद में हासिल किए गए अतिरिक्त connections पर कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए अधिक SIM वाले लोगों के लिए अपने नाम पर दर्ज connections की जांच करना महत्वपूर्ण है।

Customer Application Form में भी देनी होगी जानकारी

DoT के निर्देशों के तहत ग्राहक को अपने नाम पर पहले से मौजूद मोबाइल connections के बारे में Customer Application Form (CAF) में declaration देना होगा। इसमें अलग-अलग telecom operators के साथ मौजूद connections को भी ध्यान में रखा जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल नए SIM की संख्या सीमित करना नहीं है, बल्कि अलग-अलग telecom networks में फैले मोबाइल connections की पहचान को मजबूत करना भी है।

सरकार का फोकस साइबर अपराध रोकने पर

मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग का संबंध कई तरह के cyber fraud से है। फर्जी दस्तावेजों या दूसरे लोगों की पहचान का इस्तेमाल करके लिए गए SIM का उपयोग धोखाधड़ी, financial fraud और digital arrest जैसे मामलों में किया जा सकता है।

सरकार पहले से ही संदिग्ध मोबाइल connections की पहचान के लिए ASTR (Artificial Intelligence and Big Data Analytics) जैसे सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है। PIB के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक reverification में विफल रहने वाले 88 लाख से अधिक संदिग्ध मोबाइल connections disconnect किए जा चुके थे। Sanchar Saathi के Chakshu माध्यम से प्राप्त reports के आधार पर भी बड़ी संख्या में connections पर कार्रवाई की गई है।

अपने नाम पर कितनी SIM हैं, ऐसे करें चेक

मोबाइल उपभोक्ता Sanchar Saathi की “Know Mobile Connections in Your Name” सुविधा के जरिए अपने नाम पर जारी मोबाइल connections की जानकारी देख सकते हैं। यदि सूची में ऐसा कोई नंबर दिखाई देता है जिसे उन्होंने जारी नहीं कराया है या जिसका इस्तेमाल नहीं करते, तो उसे report किया जा सकता है। DoT के eServices portal पर भी यह सुविधा उपलब्ध है।

आम मोबाइल यूजर्स के लिए क्या मतलब?

अगर आपके नाम पर 9 या उससे कम मोबाइल connections हैं, तो केवल इस नए enforcement के कारण कोई परेशानी नहीं है। लेकिन यदि आप पहले से 9 connections की सीमा तक पहुंच चुके हैं, तो 10वां SIM नया नहीं ले पाएंगे।

और यदि आपके नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक connections दर्ज हैं, तो बेहतर है कि पहले Sanchar Saathi पर पूरी सूची जांच लें और अनजान या अनावश्यक connections के संबंध में समय रहते कार्रवाई करें।

यानी 24 अगस्त से कोई नई “9 SIM” सीमा लागू नहीं हो रही है, बल्कि पहले से मौजूद सीमा को telecom कंपनियों के बीच digital verification के जरिए ज्यादा सख्ती से लागू किया जा रहा है। यही इस नए निर्देश की सबसे अहम बात है।